ये मुद्दा धर्म का नहीं… अधिकार और नियम के बीच की टकराहट का है।
बिहार में हिजाब को लेकर विवाद गरम है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयान के बाद
कई मुस्लिम महिलाएँ सड़कों पर विरोध कर रही हैं।
कुछ लोग इसे धार्मिक आज़ादी बता रहे हैं,
तो कुछ लोग कह रहे हैं —
सरकारी नौकरी में पहचान और नियम ज़रूरी होते हैं।
🤔
सवाल किसी एक धर्म का नहीं है…
सवाल ये है कि —
👉 क्या सरकारी संस्थानों में
सबके लिए एक जैसा नियम होना चाहिए?
👉 या फिर हर व्यक्ति को
अपनी धार्मिक पहचान के साथ काम करने की पूरी छूट?
⚖️
लोकतंत्र में विरोध भी ज़रूरी है
और नियम भी।
लेकिन सही रास्ता
भावनाओं से नहीं,
संविधान और संवाद से निकलता है।

