
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दावोस वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 से लौटने के बाद जबलपुर दौरे ने राज्य की विकास गति को नई ऊंचाई दी है. दावोस में DP वर्ल्ड के साथ MoU साइन करने के बाद सीएम मोहन यादव ने जबलपुर में उद्योगपतियों से मुलाकात की और बताया कि दुनिया के बड़े निवेशक MP से जुड़ना चाहते हैं. राज्य में डबल इंजन सरकार ने काम की गति बढ़ाई है, जहां सबसे युवा प्रदेश के रूप में MP की विकास दर राष्ट्रीय औसत से ऊपर है. सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध कराने से उद्योग जगत हैरान है, जो रिन्यूएबल एनर्जी में रेवा सोलर पार्क जैसे प्रोजेक्ट्स का नतीजा है. जबलपुर को तीसरी मेट्रो सिटी बनाने की योजना से महाकौशल क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर बूम आएगा, जिसमें स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स, मेट्रो कनेक्टिविटी और जू कम रेस्क्यू सेंटर शामिल हैं. MP की वैश्विक छवि और स्थानीय विकास को जोड़ती है, जहां सामूहिक विवाह जैसे आयोजन सांप्रदायिक सौहार्द को मजबूत करते हैं.
दावोस से सीधे जबलपुर पहुंचे मुख्यमंत्री यादव ने पाकिस्तान और बांग्लादेश पर तंज कसते हुए कहा कि वहां के प्रतिनिधि भारतीयों से मिलने के बहाने पीछे लग जाते थे, जो उनकी दुर्दशा दर्शाता है. हेडिंग को जस्टिफाई करते हुए देखें कि MP की सबसे सस्ती बिजली (करीब 4 रुपये प्रति यूनिट) ने वैश्विक निवेशकों को आकर्षित किया है, जहां दावोस में यादव ने ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग और EV ट्रांजिशन पर जोर दिया. राज्य की विकास दर 8% से ऊपर है, जो राष्ट्रीय औसत 7% से बेहतर है. जबलपुर को मेट्रो सिटी बनाने से रोजगार के 50 हजार नए अवसर सृजित होंगे, जिसमें IT हब और पर्यटन पर फोकस है. दावोस में यादव ने पर्यटन में निवेश पर सेशन संबोधित किया, जहां MP को हेरिटेज और डेवलपमेंट का संगम बताया. यह घटना MP की नीतियों की सफलता दर्शाती है, जहां 2025 में 15,000 करोड़ के निवेश आए.
