
यूपी में आगरा पुलिस पर एक बेहद गंभीर आरोप लगा है. थाना किरावली क्षेत्र में पुलिस पर एक युवक को थाने में पूछताछ के दौरान थर्ड डिग्री टॉर्चर देने के आरोप लगे हैं. पीड़ित युवक राजू का आरोप है कि उसे किसान बलवीर की मौत के मामले में जबरन हत्या कबूल कराने के लिए दो दिनों तक अमानवीय तरीके से प्रताड़ित किया गया. आरोपों के मुताबिक पुलिसकर्मियों ने उसके पैरों पर डंडों से वार किए और उल्टा लटका कर बेरहमी से पिटाई की, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई.
राजू की तबीयत बिगड़ने पर पुलिस उसे एक प्राइवेट गाड़ी से अस्पताल लेकर पहुंची, जहां जांच में उसके दोनों पैरों के टूटने की पुष्टि हुई. फिलहाल उसके पैरों में प्लास्टर चढ़ा हुआ है. मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस कमिश्नर ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है. ACP राम प्रवेश गुप्ता का तत्काल ट्रांसफर कर दिया गया है, जबकि एक इंस्पेक्टर, एक सब इंस्पेक्टर और एक बीट अफसर को सस्पेंड कर दिया गया है.
पूरे मामले की जांच अब एडिशनल पुलिस कमिश्नर को सौंपी गई है. अधिकारियों का कहना है कि जांच में यदि पुलिसकर्मी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि 6 जून को किसान बलवीर की मौत हुई थी, जिसके बाद गांव के ही रहने वाले राजू के गले पर निशान पाए जाने के चलते उस पर हत्या का शक जताया गया था. इसी सिलसिले में 20 दिसंबर को पुलिस ने राजू को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था. अब युवक के आरोपों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
