भोपाल मैट्रो को नहीं मिल रहे पैसेंजर।जो रूट अभी चल रहा उसपे लोकल पैसेंजर को इंट्रेस्ट नहीं।
लोगो के कमेन्ट और रिएक्शन…..
जिस रूट पर असली ज़रूरत थी — MP नगर से मण्डीदीप — अगर वहाँ मेट्रो चलती तो प्रोजेक्ट खुद ही प्रॉफिट में आ जाता।रोज़ाना हज़ारों कर्मचारियों की आवाजाही, इंडस्ट्रियल और ऑफिस ट्रैफिक… सब कुछ रेडी था।अभी तो बस इतना कहने लायक हो गया है कि“भोपाल में मेट्रो भी है” 🙂ज़रूरत, उपयोगिता और ग्राउंड रियलिटी पीछे छूट गई।।
Aiims se rani kamlapati aane me 1 ghanta lag raha hai. Itna faltu time kiske pass hai.
भोपाल में मेट्रो केवल इंटरटेनमेन है, जैसे लेकव्यू, वनविहार, शेरसपाटा, डीबी मॉल, मेट्रो, यहां लोग टाइम पास करने जाते हैं महीने में एकाद बार 😂
हर जगह फोटो चाहिए हमने किया बस 4 दिन में कहानी खत्म….. भोपाल का इतना विकास नहीं हुआ कि मेट्रो चाहिए न बड़ी कंपनी है ना ही कुछ
बेजरूरत में पता नहीं कितना पैसा बर्बाद हुआ है और अभी हो भी रहा है। यही पैसा सड़कें बनवाने में लग जाता तो जो पूरे शहर में गड्ढों के अलावा कुछ नहीं, भोपाल के जनप्रतिनिधि भी सोये रहते हैं पता है हम ही जीतेंगे
This project is a complete waste of tax payers money & loot of money for politicians & beurocrates
मेट्रो कि सफलता के लिये पार्किंग की सुविधा होना नितांत आवश्यक है।
हालांकि अभी बस शुरुआत है इसलिए कम यात्री हैं, और स्टेशन जुड़ेंगे तो यात्री भी मिलेंगे, पर ये भी सच है कि ये भी साइकिल ट्रैक और BRTS की तरह जनता के पैसा वेस्ट ही है। बस मोदीजी की महत्वाकांक्षा और अपनों को रेवड़ी बांटने के लिए शुरू किया गया है।
Bhopal ko seedha saadha sa sukoon wala shehar hi rehne diya jata to behtar tha fazool me metro city banane ke chakkar me poore Bhopal ka beda ghark kar diya..Hum tehre seedhe sachche Bhopali ham bas aman chain se rehna chahte the hame bheed bhaad aur afra tafreeh me phansa diya. 😰😰
Kiraya jyada he

