
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के मेयर पद को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच खींचतान तेज हो गई है. एक तरफ जहां शिवसेना गठबंधन के भीतर राजनीतिक दबाव बनाकर सत्ता में बराबेदारी चाहती है, वहीं दूसरी ओर बीजेपी साफ कर चुकी है कि वह मुंबई मेयर और स्टैंडिंग कमेटी जैसे अहम पदों पर किसी तरह का समझौता करने के मूड में नहीं है.
बीजेपी का संदेश साफ है कि मेयर और स्टैंडिंग कमेटी पर पार्टी कोई समझौता नहीं करेगी. बीजेपी रणनीतिकारों का कहना है कि मुंबई में पार्टी संख्याबल के आधार पर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और ऐसे में सत्ता के प्रमुख पदों पर उसका दावा पूरी तरह जायज़ है. बीएमसी में 227 सदस्यों वाले सदन में BJP के पास 89 सीटें हैं और पार्टी खुद को नैतिक और राजनीतिक रूप से सबसे मजबूत दावेदार मान रही है. बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक, पार्टी न तो मुंबई मेयर का पद छोड़ेगी और न ही स्टैंडिंग कमेटी की चेयरमैनशिप, जो बीएमसी की वित्तीय और नीतिगत रीढ़ मानी जाती है.
