बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सासू मां का निधन हो गया. सीएम नीतीश पटना स्थित बांस घाट पहुंचे हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ उनके बेटे निशांत कुमार बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी भी पहुंचे हैं. विद्यावती देवी लंबे समय से बीमार थीं. आईजीआईएमएस में भर्ती थीं, कल बीती शाम 6:40 पर उनका निधन हो गया. 90 साल की उम्र में अंतिम सांस ली. BJP के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन ने पहली बार पीएम मोदी से मुलाकात की. उन्होंने सोशल मीडिया हेंडल एक्स पर तस्वीर शेयर की.
वैशाली से बड़ी खबर सामने आई. बिदुपुर थाना क्षेत्र के चेचर वार्ड नंबर 3 में उस वक्त सनसनी फैल गई जब घर से 400 मीटर दूर आम के बगीचे में एक युवक का शव खून से लथपथ हाल में मिला. जिसकी सूचना मिलते ही गांव में अफरा तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए. ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची बिदुपुर थाना की पुलिस और फोरेंसिक की टीम ने जांच पड़ताल शुरू की. मृत युवक की पहचान चेचर गांव निवासी स्वर्गीय तुलकेश्वर सिंह के 40 वर्षीय बेटे मिथलेश कुमार सिंह के रूप में हुई.
पूर्वी चंपारण में किसान मौसम की मार के साथ-साथ अब खाद की किल्लत की मार भी झेलने को मजबूर हैं. रबी (गेहूं, आलू) की फसल की मौसम में यूरिया की किल्लत पूरे जिले में बढ़ गई है. किसानों को खाद्य उर्वरक माफिया 400-500रुपये प्रति बोरी यूरिया ब्लैक में बेच रहे हैं. यूरिया की जमकर कालाबाजारी हो रही है कृषि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी इस खेल में खाद माफिया का भरपूर सहयोग कर रहे हैं. ज्यादातर मोतिहारी जिले के यूरिया नेपाल में तस्करी कराई जा रही है. किसानों ने जिला प्रशासन पर ही मिली-भगत करके खाद की कालाबाजारी करवाने का आरोप भी लगाया है. किसान चंद्र राम, अकलू भगत, रामप्रवेश शाह ने आरोप लगाते हुए कहा हम लोग 400 से ₹500 में यूरिया खरीद रहे हैं. खाद दुकानदार रात के अंधेरे में 363 रुपए की बजाय 500 में यूरिया बेच रहा है. जिला कृषि प्राधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि इस तरह के मामले सामने आए हैं. जल्द ही कालाबाजारी करने वाले खाद दुकानदारों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी. उधर, मोतिहारी में अतिक्रमण पर प्रशासन का पीला पंजा चलाया गया. शुक्रवार को मोतिहारी शहर के गांधी चौक के पास मीना बाजार, मोती झील के साथ-साथ कई इलाकों में अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सालों से सरकारी जमीन पर कब्जा कर दुकान खोलने का काम किया गया था. जिसकी जानकारी जिला प्रशासन और नगर निगम को मिली थी. वहीं, कोर्ट के निर्देश के बाद पूरी अतिक्रमण वाली जगह को खाली कराया गया.
