
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को यूपी पुलिस को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि अपराधियों को सजा देना न्यायपालिका का काम है, न कि पुलिस का. अदालत ने राज्य में कथित तौर पर बढ़ते एनकाउंटर के मामलों पर गंभीर चिंता जताई, जिनमें पुलिस संदिग्ध अपराधियों को घुटने के नीचे गोली मारकर सोशल मीडिया में चर्चा और समय से पहले प्रमोशन हासिल कर रही है.
न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल ने कहा कि ऐसे कृत्य कानून की नजर में स्वीकार्य नहीं हैं, क्योंकि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और आरोपी को सजा देने का काम न्यायपालिका का है.
