
यदि आप गाजियाबाद में जमीन, मकान या कोई भी अचल संपत्ति खरीदने या बेचने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है. जनपद में अब कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे की संपत्ति को न तो अपने नाम करा पाएगा और न ही फर्जी दस्तावेजों के सहारे उसे बेच सकेगा. रजिस्ट्री विभाग ने प्रॉपर्टी से जुड़े फ्रॉड को जड़ से खत्म करने के लिए ‘आधार ई-वेरिफिकेशन’ की नई व्यवस्था को पूरी तरह से लागू कर दिया है.
2 फरवरी से शुरू होगी नई व्यवस्था
गाजियाबाद के सहायक आयुक्त (स्टाप) पुष्पेंद्र कुमार के अनुसार, जनपद के सभी आठों सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों के कंप्यूटर सिस्टम को अपडेट कर दिया गया है. आगामी 2 फरवरी से होने वाली सभी रजिस्ट्रियों में आधार कार्ड का यूआईडी (UID) नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाएगा. यह कदम उत्तर प्रदेश सरकार की पारदर्शिता और डिजिटलाइजेशन की नीति का एक अहम हिस्सा है.
