
बांग्लादेश की कट्टरपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी के अमीर शफीकुर रहमान ने एक विवादित बयान दिया है. उन्होंने साफ कहा है कि कोई भी महिला कभी उनकी पार्टी की प्रमुख नहीं बन सकती. अल जजीरा को दिए इंटरव्यू में उन्होंने इसके पीछे ‘धार्मिक दायित्वों’ और ‘जैविक सीमाओं’ का हवाला दिया. रहमान ने अजीब तर्क देते हुए कहा कि अल्लाह ने सबको अलग बनाया है. पुरुष बच्चे पैदा नहीं कर सकते और न ही स्तनपान करा सकते हैं, इसलिए महिलाएं नेतृत्व नहीं कर सकतीं. आगामी 12 फरवरी को होने वाले चुनावों में जमात ने एक भी महिला उम्मीदवार नहीं उतारा है. उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब बांग्लादेश में महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर पहले से ही बहस छिड़ी हुई है.
‘अल्लाह ने अलग बनाया, हम बदल नहीं सकते’
शफीकुर रहमान ने इंटरव्यू में कहा कि यह संभव नहीं है कि भविष्य में कोई महिला जमात-ए-इस्लामी का नेतृत्व करे. उन्होंने कहा कि यह ईश्वर प्रदत्त (God-gifted) व्यवस्था है. पुरुषों और महिलाओं के बीच कुछ बुनियादी फर्क हैं. रहमान ने कहा, ‘जो अल्लाह ने बनाया है, उसे हम बदल नहीं सकते.’ उन्होंने तर्क दिया कि एक पुरुष कभी बच्चे को जन्म नहीं दे सकता और न ही उसे स्तनपान करा सकता है. ‘द डेली स्टार’ की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने इन ‘जैविक सीमाओं’ को ही महिला नेतृत्व न होने का कारण बताया.
