
एनसीपी चीफ अजित पवार के आकस्मिक निधन ने महाराष्ट्र की सियासत में नया भूचाल ला दिया है. अजित पवार के बाद अब उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की नई डिप्टी सीएम बनने वाली है. इस कदम ने महाराष्ट्र की सियासत के चाणाक्य कहे जाने वाले शरद पवार को सन्नाटे में डाल दिया है. हालांकि सूत्रों के मुताबिक, सुनैत्रा पवार को डिप्टी सीएम का जिम्मा देने के पीछे महायुति की एक सोची-समझी रणनीति काम कर रही है. सूत्रों ने साफ किया कि इस कदम का असली मकसद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) पर नियंत्रण बनाए रखना और पार्टी को दोबारा शरद पवार के हाथों में जाने से रोकना है.
दरअसल, बीते कुछ समय से एनसीपी के दोनों गुटों के बीच विलय की चर्चाएं अंतिम दौर में थीं. खुद एनसीपी (शरद पवार गुट) के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने दावा किया था कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत निर्णायक चरण में पहुंच चुकी थी. शरद पवार ने भी यह स्वीकार किया कि अजित पवार और जयंत पाटिल के बीच कई बैठकें हुई थीं और अजित पवार 12 फरवरी को एनसीपी के विलय की घोषणा करने वाले थे.
महायुति का क्या है प्लान?
हालांकि अजित पवार के प्लेन क्रैश में निधन के बाद जैसे ही यह संकेत मिला कि दोनों एनसीपी के एक होने की स्थिति में पार्टी का पूरा कंट्रोल फिर से शरद पवार के पास जा सकता है, उसी समय महायुति ने अपना राजनीतिक दांव चला. इसी के तहत सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री का जिम्मा देने का फैसला लिया गया.
