
ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस गुहावाटी से दिल्ली की ओर निकली थी. ट्रेन में सवार ज्यादातर लोग कामकाजी थे, कुछ लोग घूमने के लिए भी जा रहे थे. चूंकि शाम का समय था, इसलिए कोच में लाइटें चल रही थीं. यात्री आपस में बातचीत-हंसी मजाक कर रहे थे. ट्रेन अभी कुछ ही दूरी तक पहुंची होगी कि आचानक तेज धमाका हुआ और चारों तरफ कोहराम मच गया. यात्री मदद की गुहार लगाने लगे. हादसा आज से 29 साल पहले गुवाहाटी के पास हुआ. यह हमल किसने किया, आज तक मिस्ट्री बनी हुई है.
ट्रेन नंबर 15658 ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस 30 दिसंबर 1996 को गुवाहाटी से दिल्ली की ओर निकली थी. यह हादसा करीब शाम 7:15 बजे हुआ, जब ट्रेन कोकराझार स्टेशन से निकलने के बाद तेज रफ्तार में दौड़ रही थी. सात मिनट के बाद कोकराझार और फकीराग्राम स्टेशनों के बीच जंगलों से घिरे इलाके में तेज धमाके के साथ विस्फोट हुुआ. और चारों तरफ धुआं-धुआं फैला गया. चीख पुकार मच गयी. आसपास अंधेरा होने की वजह से यात्रियों को कुछ समझ में नहीं आ रहा था.
