
महाराष्ट्र की राजनीति इस समय गहरे शोक और बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है. उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद न केवल राज्य की सियासत में एक बड़ा शून्य पैदा हुआ है, बल्कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेतृत्व को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं. पार्टी के भीतर सबसे बड़ा सवाल यही है कि अब एनसीपी की कमान किसके हाथ में होगी और कौन अजित पवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाएगा. पार्टी सूत्रों की मानें तो NCP के एक बड़े वर्ग की राय है कि अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को पार्टी अध्यक्ष और विधायका दल का नेता बनाया जाना चाहिए. माना जा रहा है कि इससे न केवल भावनात्मक स्तर पर कार्यकर्ताओं को जोड़ने में मदद मिलेगी, बल्कि पवार परिवार की राजनीतिक विरासत भी सुरक्षित रहेगी. हालांकि, तकनीकी और राजनीतिक कारणों से यदि सुनेत्रा पवार को यह जिम्मेदारी नहीं मिलती है, तो पार्टी में दूसरा सबसे मजबूत नाम प्रफुल्ल पटेल का उभरकर सामने आ रहा है. डिप्टी चीफ मिनिस्टर और फाइनेंस डिपार्टमेंट को लेकर भी चर्चाओं का दौर जारी है. ये दोनों पोर्टफोलियो अजित पवार के पास था.
