
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा है कि विश्व सत्य की नहीं, शक्ति की सुनता है. उन्होंने कहा कि दुर्बल व्यक्ति सत्य भी बोले तो उसे कोई नहीं सुनता, जबकि शक्तिशाली की बात सही या गलत देखे बिना मानी जाती है. भागवत ने यह बयान भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में दिया. यह कार्यक्रम संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित किया गया था. इसमें मध्यभारत प्रांत के विभिन्न क्षेत्रों से आए युवा शामिल हुए, जिनकी अपने-अपने क्षेत्रों में उपलब्धियां रही हैं.
डॉ. मोहन भागवत 2 और 3 जनवरी को मध्यभारत प्रांत के भोपाल विभाग केंद्र पर दो दिवसीय प्रवास पर हैं. इसी क्रम में उन्होंने युवा संवाद कार्यक्रम को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि भारत से दुनिया को एक नए रास्ते की उम्मीद है. लेकिन इसके लिए भारत को पहले स्वयं को सशक्त बनाना होगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह शक्ति केवल हथियारों या अर्थव्यवस्था से नहीं आती, बल्कि समाज की संगठित क्षमता से बनती है.
