
सनातन धर्म में माघ मास को बहुत ही पुण्यदायी माना गया है. खासतौर पर प्रयागराज में लगने वाला माघ मेला आस्था, तप, दान और स्नान का संगम होता है. बीते शनिवार को पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर माघ मेले की शुरुआत हो चुकी है. हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि इस बार 75 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बना है, जिसकी वजह से इसे साधारण माघ नहीं, बल्कि ‘महामाघ मेला’ कहा जा रहा है, जो इसे ऐतिहासिक बना रहा है. शास्त्रों के अनुसार माघ महीने में गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम में किया गया स्नान मोक्षदायी फल देता है. साल 2026 में माघ मेला 3 जनवरी से शुरू होकर 15 फरवरी को महाशिवरात्रि तक चलेगा.
