
भारत के मूल्य करुणा, अहिंसा और वसुधैव कुटुम्बकम् में निहित हैं।
भीड़भाड़ और धन की कमी से जूझ रही सुविधाओं में पशुओं को जीवनभर बंद रखना और उन्हें नज़रअंदाज कर देना, हमारी सांस्कृतिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
PETA इंडिया ने प्रधानमंत्री, राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों और भारतीय जीव जन्तु कल्याण बोर्ड (AWBI) को पत्र लिखकर समुदायिक कुत्तों और मवेशियों की आबादी को मानवीय और प्रभावी तरीकों से संभालने की अपील की है। ये सुझाव दो रोडमैप में दिए गए हैं, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट में भी जमा किया गया है।
इस अपील में हमारा साथ दें। PETA इंडिया के द्वारा सुझाए गए सह-अस्तित्व के रोडमैप के बारे में अधिक जानने और भारत के सामुदायिक कुत्तों और मवेशियों की मदद के लिए अभी कदम उठाएँ :
