
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा आम बात हो गई है. मयमनसिंह इलाके में भीड़ की ओर से पीट-पीटकर मारे गए हिंदू बंगाली गारमेंट वर्कर दीपू चंद्र दास के आखिरी पलों का वीडियो अब सबके सामने आया है. यह वीडियो बांग्लादेश के न्यूज चैनल जमुना टीवी ने जारी किया है, जिसमें दीपू को भीड़ के हवाले किए जाने के समय का वीडियो कैद है. वीडियो में देखा जा सकता है कि एक फैक्ट्री के बाहर बड़े नीले रंग के लोहे के गेट के सामने दर्जनों लोग जमा हैं. भीड़ नारे लगा रही है और दरवाजा खुलने का इंतजार कर रही है.
कुछ ही पलों बाद अंदर से दरवाजा खोला जाता है और दीपू चंद्र दास को भीड़ के बीच ले जाया जाता है. इसके बाद वह कभी जिंदा वापस नहीं लौटा. दीपु पर आरोप लगाया गया था कि उसने इस्लाम के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की है. हालांकि बांग्लादेशी अधिकारियों और जांच एजेंसियों ने साफ कहा है कि अब तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है, जिससे यह साबित हो कि दीपू ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कोई बयान दिया था.
