
यूक्रेन में जनवरी की ठिठुरती ठंड में पारा माइनस से नीचे जा चुका है. शायद रूस इसी वक्त का इंतजार कर रहा था, जब वो अपना सबसे बड़ा वार करे. इधर अमेरिका ईरान और ग्रीनलैंड की लड़ाई में फंसा हुआ है, उधर रूस ने अमेरिका के उस फाइटर जेट को निशाना बनाया, जो यूक्रेन की वायुसेना इस्तेमाल कर रही थी. नए साल के बड़े हमले में रूस ने अमेरिका में बने हुए F-16 फाइटर जेट को मार गिराया है और ये जानकारी रूसी सरकारी मीडिया की ओर से दी गई है.
सैन्य सूत्रों के मुताबिक रूसी सेना ने S-300 एयर डिफेंस सिस्टम की मदद से इस लड़ाकू विमान को निशाना बनाया. रूसी सेना के एक कमांडर, जिनका कॉलसाइन ‘सेवर’ बताया गया है, उन्होंने इस बात की जानकारी दी है कि पहले मिसाइल से विमान को नुकसान पहुंचाया गया और फिर दूसरी मिसाइल से उसे पूरी तरह नष्ट कर दिया गया. रूस ये दिखा रहा है कि कि पश्चिमी देशों के अत्याधुनिक लड़ाकू विमान भी रूसी एयर डिफेंस के सामने टिक नहीं पाते.
5 महीने में ही ढेर हो गया F-16?
यूक्रेन को अगस्त, 2024 से अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगियों से F-16 फाइटर जेट मिलने शुरू हुए थे. इन विमानों को यूक्रेन की एयर डिफेंस क्षमता मजबूत करने के लिए तैनात किया गया है. यूक्रेनी अधिकारियों का दावा है कि F-16 की मदद से सैकड़ों रूसी मिसाइलों और ड्रोन को मार गिराया जा चुका है. हालांकि यूक्रेन ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है.पश्चिमी देशों की ओर से यूक्रेन को रूस से लड़ने के लिए F-16 फाइटिंग फाल्कन दिया गया था, जिसे लेकर उसकी हवाई सीमा को सुरक्षित और मजबूत बनाने की कोशिश की गई थी.
