
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में आज (मंगलवार) कैबिनेट की बैठक हुई. मंत्रालय में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के गायन के साथ कैबिनेट की बैठक शुरू हुई. मीटिंग अब खत्म हो चुकी है. इसमें कई अहम निर्णय लिए गए. प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बैठक में हुए फैसलों के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि दो सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी मिली है. इससे राजगढ़ जिले को फायदा मिलेगा. सुल्तानपुर परियोजना को मंजूरी दी गई है. बरेली की बारना सिंचाई योजना को मंजूरी दी गई है. आबकारी नीति के लिए मंत्री परिषद की समिति बनाई गई है. सांदीपनि विद्यालयों की स्वीकृति दी गई है. बैठक में शैक्षणिक वर्ग के शिक्षकों को चतुर्थ समयमान वेतनमान स्वीकृत किया गया है. ग्वालियर और उज्जैन व्यापार मेले में वाहन खरीदी पर टैक्स में 50 फीसदी की छूट की घोषणा की गई है.
कैबिनेट बैठक में राजगढ़ जिले की सहारनपुर तहसील की सिंचाई परियोजना के लिए 600 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है. इससे 11022 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी. सुल्तानपुर सिंचाई परियोजना के लिए 115 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है. इससे 5700 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी. बरेली में 386 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है. इन परियोजनाओं से किसानों को फायदा मिलेगा. रामशरण गौतम एएसआई को एक करोड़ रुपये की सहायता दी गई है. मध्य प्रदेश सोलर नीति को स्वीकृति मिली है. उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि आज से ई-कैबिनेट की शुरुआत हुई है. आज पन्ना नहीं पलटना पड़ा. आज सभी कैबिनेट एजेंडे सभी मंत्री अपनी स्क्रीन पर देख रहे थे. पांच हजार करोड़ रुपये का बजट अमृत योजना के लिए दिया गया है. राज्य और केंद्र सरकार दोनों इस बजट को सीवेज और पाइपलाइन के लिए खर्च करेगी.
