
मध्य प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने राज्यसभा को लेकर बड़ा और स्पष्ट बयान दिया है. तीसरी बार राज्यसभा जाने की अटकलों के बीच उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि वह अपनी सीट खाली कर रहे हैं. यह बयान ऐसे समय आया है, जब उनके राज्यसभा कार्यकाल की समाप्ति नजदीक है और पार्टी के भीतर प्रतिनिधित्व को लेकर चर्चा तेज हो चुकी है. दिग्विजय सिंह का यह रुख केवल व्यक्तिगत निर्णय नहीं, बल्कि कांग्रेस की आंतरिक राजनीति, सामाजिक संतुलन और संगठनात्मक संदेश से भी जुड़ा माना जा रहा है. राज्यसभा जैसी अहम संस्था में प्रतिनिधित्व को लेकर उनकी बातों ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस को जन्म दे दिया है.
दिग्विजय सिंह ने जिस तरह से संविधान, जन-सहमति और प्रतिनिधित्व की बात की, उसने इस बयान को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया. उन्होंने कहा कि यह विषय बहुत पुराना है और इसमें बिना व्यापक जन चर्चा और आम सहमति के आगे बढ़ना मुश्किल है. उनके मुताबिक, अगर संविधान के दायरे में ईमानदारी से काम किया जाए, तो किसी को किसी तरह की परेशानी नहीं होती. इसी बातचीत में उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि राज्यसभा जाना उनके हाथ में नहीं है, लेकिन वह यह जरूर कह सकते हैं कि अपनी सीट खाली कर रहे हैं. इस बयान ने कांग्रेस की आगामी रणनीति और मध्य प्रदेश से राज्यसभा समीकरणों पर सबका ध्यान खींच लिया है.
