
मध्यप्रदेश के सतना जिले में सामने आए थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के HIV संक्रमित होने के सनसनीखेज मामले के बाद अब प्रशासन ने ब्लड माफिया के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है. सरकार और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई में अब तक पांच ब्लड ब्रोकर गिरफ्तार किए जा चुके हैं. यह कार्रवाई बीते तीन दिनों से लगातार जारी है.
पूरा मामला तब सामने आया, जब सतना के सरकारी अस्पताल में खून चढ़ाने के बाद छह थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के HIV पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई. इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी और इसके बाद राज्य सरकार ने ब्लड डोनेशन से जुड़े अवैध नेटवर्क पर बड़ा अभियान शुरू किया.
4000 रुपये में बेचा जा रहा था एक यूनिट खून
ताजा गिरफ्तारी एक स्टिंग ऑपरेशन के आधार पर हुई. अधिकारियों ने एक ऐसे व्यक्ति को पकड़ा, जो एक यूनिट खून 4000 रुपये में बेच रहा था. उसी आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने जिला अस्पताल के बाहर से अंकित नामदेव को गिरफ्तार किया. इसके साथ ही एक और आरोपी को पकड़ा गया, जिसने पहले अपना नाम शिवम वर्मा बताया, लेकिन जांच में उसका असली नाम विजय वर्मा निकला. दोनों के खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.
