
महाराष्ट्र में गजब सियासी उलटफेर हुआ है. भाजपा की आंधी में ठाकरे से लेकर पवार फैमिला तक का किला ढह चुका है. आखिरकार भाजपा ने बीएमसी में भगवा लहरा दिया. पहली बार बीएमसी में भाजपा का मेयर बन रहा है. भाजपा ने न केवल ठाकरे ब्रदर्स को झटका दिया, बल्कि पवार फैमिली को भी बुरी तरह पीटा. पीएमसी यानी पुणे म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (PMC) और पिंपरी-चिंचवाड़ म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (PCMC) के चुनावों में भाजपा ने शानदार जीत दर्ज की है.देवेंद्र फडणवीस की रणनीति के सामने चाचा-भतीजे की जोड़ी फेल हो गई. शरद पवार और अजित पवार एक साथ हाथ मिलाकर भी अपने मजबूत गढ़ को सुरक्षित नहीं रख पाए. पुणे में भाजपा की यह लगातार दूसरी जीत है. यह जीत दिखाती है कि पार्टी महाराष्ट्र में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है. इस चुनाव का सबसे बड़ा झटका राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दो गुटों को लगा है. शरद पवार की एनसीपी(SP) और उनके भतीजे अजीत पवार की एनसीपी ने मिलकर चुनाव लड़ा, लेकिन दोनों ही बुरी तरह हार गए. चाचा के चक्कर में तो भतीजे अजित पवार बुरी तरह फंस गए हैं. अब सवाल यह है कि इस हार के बाद शरद पवार और अजीत पवार का क्या होगा? वे आगे क्या कदम उठाएंगे? क्या वे फिर से एक हो जाएंगे या भाजपा के दबाव में झुकेंगे?
