
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जिस तरह का रुख अपना रहे हैं, उसे देखते हुए लग रहा है कि ग्रीनलैंड के मुद्दे पर वे नाटो की किसी जिरह को मानने वाले नहीं हैं. उन्होंने तो दावा किया है कि नाटो अगर आज मौजूद है, तो उसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति ही हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर वह सत्ता में नहीं आए होते, तो नाटो कब का खत्म हो चुका होता. उनका ये बयान इसिलए महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि इस वक्त नाटो और अमेरिकी राष्ट्रपति में जंग छिड़ी हुई है.
ग्रीनलैंड को लेकर डोनाल्ड ट्रंप के बयानों पर यूरोपीय देश कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और दावोस में जुटे यूरोपीय नेताओं ने इसका डटकर जवाब देने की बात कही है. यही वजह है कि डोनाल्ड ट्रंप यूरोपीय देशों से और भी ज्यादा चिढ़ गए हैं. उन्होंने इसका जवाब अपने चिर-परिचित अंदाज में ट्रुथ सोशल पर दिया है और लिखा है कि अगर वो न होते, तो नाटो कब का खत्म हो गया होता.
