
आज वसंत पंचमी, सरस्वती पूजा, शुक्रवार व्रत और लक्ष्मी पूजा का दिन है. पंचांग अनुसार, आज माघ शुक्ल पंचमी तिथि, पूर्व भाद्रपद नक्षत्र, बव करण, परिघ योग, पश्चिम का दिशाशूल, कुंभ राशि में चंद्रमा है. वसंत पंचमी के अवसर पर लोग पीले रंग के वस्त्र पहनते हैं, सरस्वती पूजा करते हैं, इस दिन लोग एक दूसरे को पीले रंग का गुलाल या केसर लगाते हैं. वसंत पंचमी वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है. ऐसे समय में पूरी धरती सरसों के पीले फूलों से ढकी रहती है, जैसे मानो पृथ्वी ने पीली चादर ओढ़ ली हो. आज के दिन ज्ञान की देवी सरस्वती की उत्पत्ति हुई थी, इसलिए वसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा का विधान है. सरस्वती पूजा का मुहूर्त सुबह 7:13 बजे से है.
शुभ मुहूर्त में सरस्वती पूजा करें, वंदना और आरती करें. माता सरस्वती की कृपा से आपके ज्ञान में बढ़ोत्तरी होगी. आज रवि योग दोपहर से बन रहा है, वहीं पंचक पूरे दिन रहेगा. यह पंचक दोष रहित है. आज के दिन जो लोग शुक्रवार व्रत हैं, वे प्रदोष काल में यानि सूर्यास्त के बाद माता लक्ष्मी की पूजा करें. उनके मंत्रों का जाप करें और उनके प्रिय भोग अर्पित करें. लक्ष्मी कृपा से आपके धन और वैभव में बढ़ोत्तरी होगी. शुक्र ग्रह को मजबूत करने के लिए ओपल, हीरा, चांदी आदि धारण कर सकते हें. पंचांग से देखें दिनभर के शुभ मुहूर्त आदि.
