
मध्य प्रदेश में एक ओर धार की ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर बसंत पंचमी को प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है, वहीं दूसरी ओर उज्जैन जिले के तराना कस्बे में दो पक्षों के बीच हुए विवाद ने कानून-व्यवस्था की पर सवाल उठा दिए हैं. भोजशाला को लेकर पहले से संवेदनशील माहौल को देखते हुए राज्य प्रशासन किसी भी तरह की चूक नहीं चाहता. इसी कारण ड्रोन से निगरानी, अतिरिक्त पुलिस बल और खुफिया एजेंसियों को सक्रिय किया गया है. इसी बीच तराना में हुई हिंसक झड़प ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है. दोनों ही स्थानों पर स्थिति को काबू में रखने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. प्रशासन की प्राथमिकता किसी भी तरह की अफवाह, भीड़ जुटने या सांप्रदायिक तनाव को समय रहते रोकना है.
उज्जैन जिले के तराना कस्बे में गुरुवार शाम हुए विवाद के बाद शुक्रवार को भी तनाव का माहौल बना रहा. एहतियात के तौर पर बाजार बंद रखे गए और संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया. पुलिस ड्रोन कैमरों से निगरानी कर रही है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है. प्रशासन लगातार लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील कर रहा है. इस पूरे घटनाक्रम के बीच पूर्व पार्षद आजाद खान की स्क्रैप दुकान में आग लगने की घटना भी सामने आई, जिसने हालात को और संवेदनशील बना दिया. हालांकि आजाद खान का कहना है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी. प्रशासन इस दावे की भी जांच कर रहा है.
