
पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने गुरुवार को बहावलपुर में दौरा किया. भारतीय सीमा से यह इलाका 100 किमी से भी कम दूरी पर है. यहां उन्होंने ड्रोन उड़ान समेत कई निरीक्षण किए. इसे सार्वजनिक रूप से एक सामान्य सैन्य निरीक्षण बताया गया, लेकिन भारतीय खुफिया एजेंसियों का आकलन है कि यह दौरा सिर्फ रूटीन नहीं था. जगह, समय और पूरे आयोजन की तस्वीरें एक गहरे रणनीतिक संदेश की ओर इशारा कर रही हैं.
बहावलपुर क्यों है खास?
बहावलपुर कोई सामान्य सैन्य ठिकाना नहीं है. यह इलाका लंबे समय से आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का वैचारिक केंद्र रहा है. भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, भारत की ओर से पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के तहत बहावलपुर में जैश के ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद इस क्षेत्र का महत्व और बढ़ गया है. ऐसे में मुनीर की हाई-प्रोफाइल मौजूदगी को प्रतीकात्मक माना जा रहा है. मुनीर ने इस दौरे के दौरान खैरपुर तमीवाली में हुए ‘स्टेडफास्ट रिजॉल्व’ नाम के सैन्य अभ्यास का निरीक्षण किया. इस अभ्यास में ड्रोन, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और आधुनिक निगरानी तकनीक का प्रदर्शन किया गया. पाकिस्तान सेना इसे भविष्य की बहु-आयामी युद्ध रणनीति के रूप में पेश कर रही है.
