
वेनेजुएला के खिलाफ सख्त कार्रवाई के बाद अब अमेरिका ने एक और दक्षिण अमेरिकी देश पर बड़ा कदम उठाया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा के खिलाफ नेशनल इमरजेंसी घोषित करते हुए एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए हैं. अमेरिका ने क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के लिए ‘गंभीर खतरा’ बताया है. व्हाइट हाउस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, इस ऑर्डर का सबसे बड़ा हथियार टैरिफ यानी आयात शुल्क होगा. अमेरिका अब उन देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगा सकता है, जो क्यूबा को तेल या ऊर्जा संसाधन सप्लाई करते हैं, चाहे यह सप्लाई सीधे हो या किसी तीसरे देश के रास्ते से.
ऑर्डर में क्या है खास?
इस नए आदेश के तहत अमेरिका के वाणिज्य मंत्रालय और वित्त मंत्रालय को अधिकार दिया गया है कि वे ऐसे किसी भी देश के सामान पर अतिरिक्त टैरिफ लगा सकें, जो क्यूबा को तेल पहुंचा रहा है. फिलहाल किसी खास देश का नाम नहीं लिया गया है और न ही टैरिफ की दरें तय की गई हैं, लेकिन संकेत साफ हैं कि अमेरिका दबाव बढ़ाने जा रहा है. यह कदम ऐसे समय आया है, जब वेनेजुएला में निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किया जा चुका है. मादुरो की गिरफ्तारी के बाद ट्रंप ने खुद कहा कि वेनेजुएला अब क्यूबा को न तो तेल भेज रहा है और न ही पैसे. व्हाइट हाउस की फैक्ट शीट में कहा गया कि यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने शत्रुतापूर्ण सरकारों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है. ईरान के परमाणु ढांचे पर हमला और निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाना उनमें से एक है.
