
राजधानी में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची में बड़ा बदलाव सामने आया है. भोपाल में SIR के दौरान कुल 4 लाख 38 हजार 875 वोटरों के नाम काटे गए हैं. कलेक्टर कार्यालय की ओर से इसकी पहली आधिकारिक सूची जारी कर दी गई है. इस सूची के सामने आने के बाद राजधानी की सियासत और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है. वोटर लिस्ट से इतने बड़े पैमाने पर नाम हटने को आगामी चुनावों से पहले एक अहम घटनाक्रम माना जा रहा है.
SIR प्रक्रिया का मकसद मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना बताया गया है. प्रशासन का दावा है कि मृत, स्थानांतरित और डुप्लीकेट वोटरों के नाम हटाए गए हैं. हालांकि, विपक्षी दल और सामाजिक संगठन इस प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठा रहे हैं. जारी आंकड़ों के अनुसार, SIR से पहले भोपाल जिले में 21 लाख 25 हजार 908 मतदाता दर्ज थे, जो अब घटकर 16 लाख 87 हजार 33 रह गए हैं.
गोविंदपुरा में 97 हजार और नरेला में 81 हजार वोटरों के नाम सूची से हटाए
भोपाल की अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में वोटर कटने के आंकड़े असमान रहे हैं. सबसे ज्यादा असर गोविंदपुरा और नरेला विधानसभा क्षेत्र में देखा गया है. गोविंदपुरा में जहां 97 हजार से ज्यादा वोटरों के नाम सूची से हटाए गए हैं, वहीं नरेला में 81 हजार से अधिक मतदाता कम हुए हैं. इसके अलावा भोपाल मध्य, उत्तर, दक्षिण-पश्चिम, हुजूर और बैरसिया विधानसभा क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में वोटरों के नाम कटे हैं.
