
इजराइल के रिश्ते कम ही मुस्लिम देशों से अच्छे हैं, लेकिन इस बार यहां के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने अलग ही गेम खेल दिया है. अब सोमालिया से अलग होकर बने इलाके सोमालीलैंड को एक स्वतंत्र और संप्रभु देश के रूप में मान्यता देने वाला पहला देश बनकर इतिहास रच दिया है. यह फैसला सोमालीलैंड के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, जो पिछले 34 वर्षों से अंतरराष्ट्रीय मान्यता पाने की कोशिश कर रहा था. सोमालीलैंड ने साल 1991 में सोमालिया से अलग होकर स्वतंत्रता की घोषणा की थी, लेकिन अब तक किसी भी संयुक्त राष्ट्र सदस्य देश ने उसे मान्यता नहीं दी थी. ऐसे में इजरायल का ये कदम बहुत अहम हो जाता है.
इजराइल के विदेश मंत्री गिडिओन सआर ने शुक्रवार को घोषणा की कि इजराइल और सोमालीलैंड के बीच पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित करने का समझौता हुआ है. इस समझौते के तहत दोनों देशों में एक-दूसरे के दूतावास खुलेंगे और राजदूतों की नियुक्ति की जाएगी. इजरायल का ये फैसला कई राष्ट्रों को चौंकाने वाला है, इसमें अरब के कुछ देश और अफ्रीकी महाद्वीप के देश शामिल हैं. भारत के दोस्ताना रिश्ते रखने वाले इजरायल ने इस बार निशाने पर तुर्की और इजिप्ट जैसे देशों को रखा है, जिन्हें उनके इस फैसले से खासी तकलीफ हो रही है. तुर्की ने कहा है कि इजरायल विस्तारवादी नीति अपना रहा है, लेकिन नेतन्याहू का ये कदम इजरायल के लिए डिप्लोमेसी का मास्टरस्ट्रोक है.
