
पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को ब्रिटेन में मिली धमकी ने पुरानी यादें ताजा कर दी हैं. ब्रैडफोर्ड में पाकिस्तानी दूतावास के बाहर प्रदर्शन के दौरान एक महिला ने कहा, ‘मुनीर का हश्र भी जनरल जिया उल हक जैसा होगा.’ यह धमकी सीधे 1988 के उस रहस्यमयी विमान हादसे से जुड़ी है, जिसमें पाकिस्तान के तानाशाह जनरल जिया उल हक की मौत हो गई थी. पाकिस्तान ने ब्रिटेन से इस धमकी को लेकर औपचारिक विरोध दर्ज कराया है. वहीं पाकिस्तानी सेना में एक बार फिर वह ‘अनजाना डर’ घर कर गया है, जो जिया की मौत के बाद से पाकिस्तानी फौज की रगों में दौड़ता रहा है.
आज भी 1988 की वह घटना पाकिस्तानियों के जहन में ताजा है. एक ऐसा हादसा जो साजिशों, रहस्यों और राजनीतिक उथल-पुथल की मिसाल है. तो चलिये इस कहानी पर एक नजर डालते हैं, जो बताती है कि पाकिस्तानी सेना की ताकत बाहर की दुनिया में कितनी कमजोर पड़ जाती है.
कौन थे जिया उल हक?
जनरल मुहम्मद जिया उल हक का जन्म 12 अगस्त 1924 को ब्रिटिश भारत के जालंधर में हुआ था. वे एक धार्मिक परिवार से थे और पाकिस्तान बनने के बाद सेना में शामिल हुए. 1970 के दशक में वे तेजी से ऊपर उठे और 1976 में जनरल जुल्फिकार अली भुट्टो ने उन्हें पाकिस्तानी सेना का प्रमुख बनाया. लेकिन जिया ने 5 जुलाई 1977 को भुट्टो की चुनी हुई सरकार को गिरा दिया और मार्शल लॉ लागू कर दिया. फिर भुट्टो को गिरफ्तार कर फांसी दे दी गई और जिया ने पाकिस्तान पर 11 साल तक तानाशाही राज किया.
