
बांग्लादेश की बीएनपी पार्टी की लंबे समय तक मुखिया रहीं और बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री रह चुकीं खालिदा जिया इस दुनिया को अलविदा कह चुकी हैं. आज उनका अंतिम संस्कार बुधवार को जोहर की नमाज के बाद मानिक मियां एवेन्यू में होगा. नजरुल ने अंतरिम सरकार की सलाहकार परिषद की राजकीय अतिथि गृह जमुना में हुई विशेष बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि 80 वर्ष में दुनिया छोड़कर जा चुकीं जिया को उनके पति, पूर्व राष्ट्रपति और बीएनपी के संस्थापक जियाउर रहमान की कब्र के बगल में, ढाका के शेर-ए-बांग्ला नगर स्थित जिया उद्यान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ दफनाया जाएगा.
खालिदा जिया के निधन के साथ बांग्लादेश के इतिहास का एक अहम अध्याय समाप्त हो गया है. खालिदा जिया की जीवन यात्रा सामान्य नहीं थी. उनकी जिंदगी के शुरुआती दौर में ऐसा कभी नहीं लगता था कि वह देश की राजनीति का नेतृत्व करेंगी, लेकिन परिस्थितियों और संघर्षों ने उन्हें इस भूमिका तक पहुंचाया. उन्होंने न केवल सत्ता संभाली, बल्कि बांग्लादेश में लोकतंत्र की लड़ाई को आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में और विपक्ष की नेता के तौर पर भी, बांग्लादेश की राजनीति पर गहरी छाप छोड़ी. यही वजह है कि उनका निधन सिर्फ एक नेता का जाना नहीं है, बल्कि उस दौर का अंत है, जिसने बांग्लादेश की लोकतांत्रिक पहचान को आकार दिया.
