
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सरकारी नौकरियों और भर्तियों में आरक्षण व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और कड़ाई से लागू करने का बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देशों के बाद शासन स्तर पर एक महत्वपूर्ण शासनादेश जारी किया गया है, जिसमें सभी विभागों को आरक्षण के नियमों का सख्ती से पालन करने के लिए कहा गया है.
यह शासनादेश प्रमुख सचिव (नियुक्ति एवं कार्मिक) एम. देवराज द्वारा जारी किया गया है. आदेश सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों और संबंधित विभागाध्यक्षों को भेजा गया है. शासनादेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ओबीसी, अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के आरक्षण को बिना किसी भेदभाव के लागू किया जाएगा.
लापरवाही बर्दाश्त नहीं
इसके अलावा दिव्यांगजन, महिलाओं तथा पूर्व सैनिकों के लिए निर्धारित आरक्षण कोटे का भी पूर्ण और कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. शासनादेश में यह भी चेतावनी दी गई है कि आरक्षण नियमों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या चूक को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बार-बार जोर दिया है कि आरक्षण संवैधानिक व्यवस्था है और इसका लाभ समाज के वंचित, पिछड़े और कमजोर वर्गों तक पूरी ईमानदारी से पहुंचना चाहिए. इस दिशा में उठाया गया यह कदम सामाजिक न्याय और समान अवसर की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
