
नरोत्तम मिश्रा ने दिग्विजय सिंह को लेकर बयान दिया था कि आज ओसामा बिन लादेन की आत्मा जोर-जोर से रो रही होगी. वहीं, जाकिर नाइक तो अपने को अनाथ महसूस कर रहा होगा. क्योंकि दिग्विजय सिंह जी आप के मुंह से राम-राम आ रहा है. कहीं ये चुनाव की टेक्टिस तो नहीं है. इस बयान से पार्टियों में भूचाल आ गया था. वहीं, कांग्रेस नेताओं ने तंज कसते हुए कहा कि कहीं ऐसा तो नहीं कि दिग्विजय सिंह के बयान ने भाजपा के अंदर ही भ्रम और मतभेद पैदा कर दिए हों. सकारात्मक राजनीति में चाहे कांग्रेस हो या भाजपा, अपने विरोधी की संगठन क्षमता का आकलन कर रणनीति बनाना सामान्य प्रक्रिया है. कांग्रेस ने यह भी याद दिलाया कि दिग्विजय सिंह की रणनीति के चलते ही पार्टी ने 2018 का विधानसभा चुनाव लड़ा था और अब भी उसी सोच के साथ संगठन को मजबूत करने की तैयारी की जा रही है. आपको बता दें,
नरोत्तम मिश्रा के बयान पर कांग्रेस ने कड़ा पलटवार किया है. कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि दिग्विजय सिंह ने न तो भारतीय जनता पार्टी की तारीफ की है और न ही आरएसएस के लोगों की प्रशंसा की है. उन्होंने केवल विपक्षी संगठन की संगठनात्मक क्षमता का आकलन किया है, जिसे किसी भी राजनीतिक दल द्वारा रणनीति बनाने के लिए स्वाभाविक प्रक्रिया बताया गया है. कांग्रेस के मुताबिक, हर राजनीतिक पार्टी अपने प्रतिद्वंद्वी की मजबूती और कमजोरियों का विश्लेषण करती है, ताकि उसी आधार पर अपनी चुनावी रणनीति तैयार की जा सके. दिग्विजय सिंह ने भी इसी संदर्भ में बीजेपी और उससे जुड़े संगठन की संरचना को एक मजबूत संगठन के रूप में देखा है, न कि उसकी विचारधारा या राजनीति की प्रशंसा की है.
