
मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पीसी शर्मा के नेतृत्व में आज (बुधवार) कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल राज्य चुनाव आयुक्त से मिला. कांग्रेस ने चुनाव आयुक्त को SIR को लेकर ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में मध्य प्रदेश 2023 के विधानसभा चुनाव को शून्य करने की मांग की गई है. कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल ने मांग की है कि 2023 में हुए विधानसभा चुनाव को रद्द कर दोबारा चुनाव कराए जाएं. निर्वाचन आयोग दोबारा चुनाव कराने का आदेश दे. कांग्रेस की मांग है कि SIR में जिस तरह से मतदाताओं के नाम काटे गए हैं, इन्हीं मतदाताओं ने 2023 का विधानसभा चुनाव जिताया था.
कांग्रेस नेता पीसी शर्मा ने कहा कि आज उन्होंने कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त (मध्य प्रदेश) से भेंट कर SIR की प्रक्रिया में हुई गंभीर अनियमितताओं को लेकर ज्ञापन सौंपा और मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 को शून्य घोषित कर पुनः चुनाव कराए जाने की मांग की. हमने अपने ज्ञापन में ठोस आंकड़ों के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेर-फेर कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित किया गया है. दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के आंकड़े खुद गवाही दे रहे हैं. हमारी प्रमुख मांगें हैं कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 को शून्य घोषित किया जाए. पूरे प्रदेश में निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पुनः चुनाव कराए जाएं. SIR प्रक्रिया की न्यायिक/स्वतंत्र जांच हो और दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
हमने उस समय भी कहा था कि फर्जी वोटिंग है: जेपी धनोपिया
कांग्रेस लीगल सेल के अध्यक्ष जेपी धनोपिया ने कहा कि 2023 में जो विधानसभा चुनाव हुआ, हमने उस समय भी कहा था कि फर्जी वोटिंग है. डुप्लीकेट वोटिंग है. हमने 28-30 लाख वोट काटने का दावा भी किया था. उसके बाद जो रिजल्ट आया, भारतीय जनता पार्टी टोटल 32 लाख वोटों से जीत हासिल कर पाई थी और अभी 43 लाख वोट कट गए हैं, तो कहीं न कहीं साफ है कि फर्जी वोटों के आधार पर ही चुनाव हुआ है. आज हमारे नेता पीसी शर्मा की नेतृत्व में हमने चुनाव आयोग से मांग की है कि जिस तरह से पूरे प्रदेश में वोटों का फर्जीवाड़ा हुआ है, दोबारा चुनाव होने चाहिए और खासकर दक्षिण में जहां पर 63 हजार वोट फर्जी पाए गए, उसे करना चाहिए.
