
रूस-यूक्रेन युद्ध ने नए साल की शुरुआत में एक साथ कई मोर्चों पर तेज रफ्तार पकड़ ली है. बीते कुछ घंटों और दिनों में ड्रोन हमलों से लेकर खुफिया जंग, जमीन पर कब्जे की स्थिति और अमेरिका-रूस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तक, हालात और ज्यादा जटिल हो गए हैं. पुतिन के घर पर हमले के दावों के बाद विवाद बढ़ा है. एक ही दिन में सामने आए इन तमाम घटनाक्रमों ने साफ कर दिया है कि शांति वार्ता की बातें फिलहाल हकीकत से काफी दूर हैं. रूस के रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को दावा किया है कि सिर्फ सात घंटे के अंदर यूक्रेन के 201 ड्रोन मार गिराए गए. इनमें से 21 ड्रोन सीधे मॉस्को की ओर बढ़ रहे थे. मंत्रालय के मुताबिक यूक्रेन की तरफ से रोजाना इस तरह के हमले की कोशिशें की जा रही हैं, जिन्हें रूसी एयर डिफेंस सिस्टम नाकाम कर रहा है. मॉस्को का कहना है कि राजधानी और अहम ठिकानों को निशाना बनाने की रणनीति अब खुलकर अपनाई जा रही है.
रूस के दुश्मन के मौत की खबर उड़ाई
रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग अब सिर्फ मोर्चे तक सीमित नहीं रही, बल्कि खुफिया लड़ाई में भी हैरान करने वाले दांव देखने को मिल रहे हैं. यूक्रेन की सैन्य खुफिया एजेंसी ने खुलासा किया है कि उसने रूसी वॉलंटियर कॉर्प्स के कमांडर डेनिस कपुस्तिन की मौत को जानबूझकर फर्जी तरीके से दिखाया. इस पूरी कार्रवाई का मकसद रूसी खुफिया एजेंसियों को गुमराह करना और उनके नेटवर्क को बेनकाब करना था. यूक्रेन की मिलिट्री इंटेलिजेंस के प्रमुख किरिलो बुडानोव ने 1 जनवरी को टेलीग्राम पर एक वीडियो जारी कर इस ऑपरेशन की जानकारी दी. वीडियो में बुदानोव ने डेनिस कपुस्तिन का स्वागत करते हुए कहा, जिंदगी में वापस आने पर आपका स्वागत है. उन्होंने इस ऑपरेशन में शामिल पूरी टीम को भी बधाई दी.
