
यमन में सत्ता और प्रभाव को लेकर चल रही खींचतान एक बार फिर हिंसक मोड़ पर पहुंच गई है. शुक्रवार को सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने UAE समर्थित सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (STC) के ठिकानों पर जोरदार हवाई हमले किए. रिपोर्ट्स के मुताबिक हमलों में कम से कम 20 अलगाववादी लड़ाकों के मारे जाने की पुष्टि हुई है. यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब संयुक्त अरब अमीरात ने यमन से अपनी सेनाएं वापस बुलाने का ऐलान किया था. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स और AFP के मुताबिक, हवाई हमले अल खाशा और सेयून में स्थित सैन्य ठिकानों पर किए गए.
क्या यमन का बंटवारा होगा?
यमन का भविष्य एक बार फिर गंभीर संकट में फंसता दिख रहा है. देश के दक्षिणी हिस्से में हुए तेज घटनाक्रम ने सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात को पहली बार आमने-सामने ला खड़ा किया है. हालात ऐसे बन गए हैं कि यमन के बंटवारे का खतरा अब सिर्फ आशंका नहीं, बल्कि एक वास्तविक संभावना बनता जा रहा है. सऊदी अरब और यूएई दोनों ही लंबे समय से यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में दखल देते रहे हैं. लेकिन अब यही गठबंधन अंदर से टूटता नजर आ रहा है.
