
जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची द्वारा दिए गए एक बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सियासी पारा चढ़ा दिया है. ताकाइची के इस बयान को दुनिया के कई देशों ने ‘गलत’ और ‘भड़काऊ’ करार दिया है. विशेषज्ञों का मानना है कि उनका यह बयान जापान के सैन्य विस्तार (Military Expansion) के इरादे को जाहिर करता है, जिससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ सकता है. इस मुद्दे पर दुनिया के अलग-अलग कोनों से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं और सभी ने एक सुर में कहा है कि दुनिया में सिर्फ ‘एक चीन’ (One China) है और ताइवान उसका अभिन्न हिस्सा है.
जापानी प्रधानमंत्री के बयान पर दक्षिण अफ्रीका ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्रालय की अधिकारी ज़ोडवा लाली ने अपने देश का रुख स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका दृढ़ता से ‘एक चीन’ की नीति का पालन करता है. उनके मुताबिक, दुनिया में सिर्फ एक ही चीन है और ताइवान चीन की प्रादेशिक भूमि का एक अभिन्न भाग है. लाली ने जोर देकर कहा कि यह हमारे लिए एक स्थापित तथ्य है और इस पर किसी तरह की चर्चा करने की कोई जरूरत नहीं है.
नाइजीरिया ने बताया अंदरूनी मामले में दखल
नाइजीरिया के अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ वूपी ने भी साने ताकाइची के बयान को अनुचित बताया है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ताइवान से जुड़े सभी मामले चीन के अंदरूनी मामले (Internal Affairs) हैं. किसी भी दूसरे देश को इसमें हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है. वूपी ने चेतावनी दी कि जापानी प्रधानमंत्री का ऐसा बयान न केवल क्षेत्रीय तनाव बढ़ाएगा, बल्कि यह ज्यादा बड़े क्षेत्रीय सुरक्षा (Regional Security) मामले पैदा कर सकता है.
