
दो देश, दो राष्ट्रपति और एक ही जैसे आरोप, लेकिन अमेरिकी कार्रवाई में जमीन आसमान का फर्क… वेनेजुएला से उठाकर अमेरिका लाए गए अपदस्त राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को मैनहट्टन की एक संघीय अदालत में पेश किया गया. मादुरो पर ड्रग्स तस्करी से जुड़े आतंकवाद (नार्को-टेररिज्म) के गंभीर आरोप लगाए गए हैं. आरोप है कि उन्होंने वेनेजुएला की सेना और खुफिया एजेंसियों की मदद से कोकीन की भारी खेप अमेरिका तक पहुंचाई, इसके लिए गुप्त हवाई पट्टियों का इस्तेमाल किया गया. इसके अलावा मशीन गन और विनाशकारी हथियार रखने और उनकी साजिश रचने के आरोप भी लगाए गए हैं, जिससे नार्को-टेररिज्म के आरोप और मजबूत होते हैं.
हालांकि मादुरो ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए खुद को निर्दोष बताया. मादुरो और उनकी पत्नी सिलीया फ्लोरेस को यहां अलग-अलग और एकांत कारावास में रखा गया है. अमेरिका के इस कदम की रूस-चीन सहित दुनियाभर के कई देश आलोचना कर रहे हैं. अमेरिका में भी विपक्षी नेता ट्रंप के इस एक्शन की आलोचना कर रहे हैं. नैंसी पेलोसी ने ट्रंप की कड़ी आलोचना करते हुए होंडुरास के पूर्व राष्ट्रपति जुआन ओरलैंडो हर्नांडेज की सजा माफ करने को लेकर ट्रंप पर निशाना साधा.
