
साल 2026 में घाटी में मौजूद विदेशी आतंकियो का खात्मा होकर रहेगा. जम्मू-कश्मीर में मौजूद एफटी यानी फॉरेन टेररिस्ट टारगेट पर हैं. जम्मू और कश्मीर में अब फॉरेन टेररिस्ट मॉड्यूल के आतंकियों की संख्या में कमी आई है. साल 2019 में जहां जम्मू-कश्मीर में 400 से ज्यादा विदेशी आतंकी थे, वहीं अब विदेशी आतंकियों की संख्या केवल 52 रह गई है. जबकि जम्मू-कश्मीर में करीब 10 के करीब लोकल आतंकी बचे हैं, जो जल्द या तो पकड़े जाने की उम्मीद है या सुरक्षा बलों के ऑपरेशन में ढेर होंगे. यानी सुरक्षाबलों की करवाई का असर साफ देखने को मिल रहा है.
दरअसल, पिछले कुछ सालों से सुरक्षा बल लगातार बड़े ऑपरेशन कर रहे हैं. इसके चलते विदेशी आतंकियों के साथ साथ लोकल आतंकी भी कम हुए हैं. एजेंसियों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में विदेशी आतंकियों का मॉड्यूल पाकिस्तानी जाजूस एजेंसी आईएसआई (ISI) की मदद से सक्रिय हैं. एफटी यानी फॉरेन टेररिस्ट मॉड्यूल के लोकल नेटवर्क को भी क्रैक डाउन करने में सुरक्षा एजेंसियां जुटी हैं.
