
ईरान इस समय अपने हालिया इतिहास के सबसे बड़े जनआंदोलनों में से एक का गवाह बन रहा है. राजधानी तेहरान से लेकर मशहद, इस्फहान, तबरीज और दर्जनों दूसरे शहरों तक हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं. ईरान में इंटरनेट का एक्सेस आम लोगों को नहीं मिल रहा है. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और BBC Persian की ओर से जारी फुटेज बताते हैं कि यह विरोध धार्मिक सत्ता के खिलाफ बीते कई सालों का सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है. गुरुवार शाम को Iran की राजधानी तेहरान और दूसरे सबसे बड़े शहर मशहद में शांतिपूर्ण मार्च निकाले गए. खास बात यह रही कि कई जगह सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को तुरंत तितर-बितर नहीं किया. भीड़ में लोग खुलेआम नारे लगाते दिखे- ‘तानाशाह मुर्दाबाद’, ‘डरो मत, हम सब साथ हैं’ और ‘यह आखिरी लड़ाई है, पहलवी लौटेगा.’
इन नारों का सीधा निशाना ईरान के सर्वोच्च नेता अयातोल्लाह अली खामेनेई हैं. वहीं कई प्रदर्शनकारी निर्वासन में रह रहे रजा पहलवी के समर्थन में भी आवाज बुलंद कर रहे हैं, जिन्होंने हाल ही में अपने समर्थकों से सड़कों पर उतरने की अपील की थी. मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक यह विरोध लगातार 12वें दिन जारी है और अब तक ईरान के सभी 31 प्रांतों के 100 से ज्यादा शहरों और कस्बों तक फैल चुका है. अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी (HRANA) के अनुसार कम से कम 34 प्रदर्शनकारियों, जिनमें पांच बच्चे शामिल हैं और आठ सुरक्षा कर्मियों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,270 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है. वहीं नॉर्वे स्थित ईरान ह्यूमन राइट्स संगठन मृतकों की संख्या 45 बता रहा है.
