
ईरान फिर जल उठा है. ईरान में महंगाई से हाहाकार है. ईरान में आर्थिक संकट ने एक बार फिर देश को हिंसा की आग में झोंक दिया है. ईरान का प्रोटेस्ट अब देशव्यापी हो चुका है. पिछले 12 दिनों से प्रदर्शन चल रहा है. राजधानी तेहरान से लेकर छोटे शहरों तक अब प्रदर्शन की आग भड़क उठी है. ईरान की सड़कें प्रदर्शनकारियों से भर चुकी हैं. गुरुवार की रात एक बार फिर ईरान धधक उठा. प्रदर्शन की आंच इतनी तेज हो गई कि खामेनेई सरकार सकते में आ गई. आनन-फानन में सरकार ने इंटरनेट और फोन लाइन्स काट दी. इससे ईरान का दुनिया से संपर्क टूट गया.
बहरहाल, ईरान के 12 दिनों के प्रदर्शन में लाशें बिछ चुकी हैं. एक डेटा के मुताबिक, अब तक 45 मौतें हो चुकी हैं. इनमें 8 नाबालिग शामिल हैं. ईरान में जेनजी का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है. इस बीच अमेरिका ने भी ईरान को धमकाया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त चेतावनी दी है कि अगर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हिंसा हुई, तो अमेरिका कड़ा जवाब देगा. इस बीच आग में घी डालने का काम किया है ईरान से निर्वासित क्राउंस प्रिंस रेजा पहलवी ने. यही कारण है कि ईरान में आधी रात को बहुत बवाल हुआ है. चलिए जानते हैं पूरी कहानी.
