
महाराष्ट्र की सियासत में शनिवार को वह ऐतिहासिक मंजर देखने को मिला जिसकी कल्पना कुछ समय पहले तक असंभव थी. पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निकाय चुनावों के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के दिग्गज अजित पवार और सुप्रिया सुले एक ही मंच पर नजर आए. मौका था पुणे के विकास के लिए ‘संयुक्त घोषणापत्र’ जारी करने का. इस अप्रत्याशित मेल-मिलाप ने न केवल पुणे की राजनीति में हलचल मचा दी है, बल्कि राज्यभर में यह सवाल तैरने लगा है कि क्या यह ‘पवार परिवार’ के फिर से एकजुट होने का संकेत है.
एनसीपी (अजित गुट) और शरद गुट ने एक साथ पुणे के विकास के लिए घोषणा पत्र जारी किया. इस दौरान काफी लंबे समय के बाद अपने चचेरे भाई अजित के साथ शरद पवार की बेटी सुप्रिया सूले दिखीं. घोषणा पत्र जारी करते हुए उन्होंने कहा, ‘आज हमारे पुणे का घोषणा पत्र जारी हुआ. सब ने दिखा कि जो मूलभूत ,सुविधा है उसके लिए हम सब यहां आए हैं. पुणे में और मुंबई में बहुत बड़ा टैंकर माफिया है. इसके खिलाफ आज तक कुछ काम नहीं हुआ है. उसको करने की जरूरत है.’
