
बांग्लादेश में युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद सियासी उबाल और तेज हो गया है. अब इंकिलाब मंच ने सीधे तौर पर अंतरिम सरकार और मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस को कठघरे में खड़ा कर दिया है. मंच का आरोप है कि एक लाख से ज्यादा लोगों की मौजूदगी और जबरदस्त जनसमर्थन के बावजूद उनके दो-सूत्रीय मांग पत्र की एक भी मांग अब तक पूरी नहीं हुई. इंकिलाब मंच ने कहा कि जिस प्रेस कॉन्फ्रेंस में गृह मामलों के सलाहकार और उप-गृह सलाहकार खुद मौजूद थे, वहां भी हादी की हत्या और मांगों पर कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया.
मंच का दावा है कि अब तक न तो ‘शेख हसीना के एजेंट’ बताए जा रहे लोगों की गिरफ्तारी हुई है, और न ही यूनुस सरकार सिविल व मिलिट्री इंटेलिजेंस एजेंसियों पर पूरा नियंत्रण स्थापित कर पाई है. इंकिलाब मंच ने आरोप लगाया कि हत्या जैसे गंभीर मामले पर सरकार ने रविवार को एक अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक से बयान दिलवाकर इसे ‘मामूली घटना’ की तरह पेश किया. मंच का कहना है कि इससे साफ संदेश गया कि सरकार इस हत्याकांड को गंभीरता से लेने के मूड में नहीं है. इन्हीं आरोपों के बीच इंकिलाब मंच ने 22 दिसंबर, सोमवार को शाहबाग स्थित शहीद हादी स्क्वायर में दोपहर 12 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाने का ऐलान किया है, जहां आगे की रणनीति और नए कदमों की घोषणा की जाएगी. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुछ ऐसे ऐलान हो सकते हैं जो शायद यूनुस की मुश्किल बढ़ा दें.
क्या बोली थी पुलिस?
हादी हत्याकांड को लेकर बांग्लादेश के कई छात्र नेताओं और राजनीतिक दलों ने यह दावा करते हुए प्रदर्शन किए कि आरोपी भारत भाग गए हैं और इसी मांग को लेकर भारतीय उच्चायोग की ओर मार्च भी निकाला गया.
हालांकि अब बांग्लादेश पुलिस ने इन दावों को खारिज कर दिया है.
