
बांग्लादेश में चुनाव के ऐलान के बाद हालात तेजी से बेकाबू होते जा रहे हैं. निर्दलीय उम्मीदवार उस्मान हादी की मौत के बाद देश के कई हिस्सों में हिंसा, आगजनी और बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं. ढाका यूनिवर्सिटी और शाहबाग से शुरू हुआ गुस्सा अब राजधानी ढाका, चटगांव और मयमनसिंह तक फैल चुका है. हालात इतने बिगड़े कि प्रोथोम आलो और डेली स्टार जैसे देश के बड़े अखबारों के दफ्तरों पर हमले हुए, आगजनी की गई और कर्मचारियों को जान बचाकर बाहर निकलना पड़ा. दोनों अखबारों ने शुक्रवार को अपना प्रकाशन तक रोक दिया है.
ढाका में डेली स्टार और प्रोथोम आलो के दफ्तरों में आगजनी के दौरान पत्रकारों के फंसे होने की खबरें सामने आईं, हालांकि समय रहते सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया. डेली न्यूज एजेंसी के संपादक पर भी सड़क पर हमला हुआ, जिससे पत्रकारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. हिंसा की आग सिर्फ मीडिया तक सीमित नहीं रही. शेख मुजीबुर रहमान के आवास में भी तोड़फोड़ और आगजनी की गई, जबकि नौफेल इलाके में एक पूर्व मंत्री के घर को निशाना बनाया गया.
