
ईरान में पिछले करीब दो हफ्तों से चल रहा विरोध प्रदर्शन अब देश के लिए सबसे बड़े संकट में बदलता नजर आ रहा है. राजधानी तेहरान से लेकर 100 से ज्यादा शहरों तक हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं. सरकार ने माना है कि प्रदर्शन लगातार जारी हैं, लेकिन इसके साथ ही सख्त कार्रवाई भी तेज कर दी गई है. इंटरनेट बंद है, संचार सेवाएं ठप हैं और ईरान लगभग पूरी तरह दुनिया से कटा हुआ है. देश के अस्पताल लाशों से पटे हुए हैं. मस्जिदों पर भी हमले हुए हैं. पूर्व शाह के बेटे रेजा पहलवी लोगों से सड़कों पर उतरने और सत्ता को उखाड़ फेंकने को कह रहे हैं. वहीं ऐसी खबरें आ रही हैं कि अमेरिका की मिलिट्री हलचल बढ़ गई है. शनिवार को ईरान के सुप्रीम लीडर अयातोल्ला अली खामेनेई ने पहली बार खुलकर इन प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ उपद्रवी देश में इमारतें गिरा रहे हैं ताकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुश किया जा सके. खामेनेई ने अमेरिका पर सीधा हमला करते हुए कहा कि अमेरिका पहले भी लैटिन अमेरिका वेनेजुएला को घेर चुका है और वहां कार्रवाई की गई थी. उन्होंने कहा कि अमेरिका को इस पर कोई शर्म नहीं है और उसने खुले तौर पर कहा कि यह सब तेल के लिए किया गया.
