
डोनाल्ड ट्रंप की अमेरिका को महान बनाने की जिद ने पूरी दुनिया की राजनीति को हिलाकर रख दिया है. वो फर्स्ट अमेरिका के नाम पर पहले सिर्फ अपने विरोधियों से लड़ते थे लेकिन अब वे अपने सहयोगियों को भी आंखें दिखाने लगे हैं. ग्रीनलैंड को लेकर जिस तरह के तेवर अमेरिका दिखा रहा है, वो एक ऐतिहासिक सहयोग को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. अगर ऐसा ही चलता रहा तो कहीं न कहीं 77 साल पुराना सुरक्षा का वादा खत्म हो जाएगा.
ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप की बयानबाजी के बाद यूरोपीय देश सतर्क हो गए हैं और उन्होंने ये तय कर लिया है कि ये मनमानी वे नहीं होने देंगे. छोटी सी जनसंख्या वाले डेनमार्क के बल पर ग्रीनलैंड की सुरक्षा नहीं हो सकती, ऐसे में उसके साथ वही नाटो गठबंधन खड़ा है, जिसका हिस्सा अमेरिका भी है. जब खुद अमेरिका ही नाटो देश की सुरक्षा के लिए खतरा बन जाए, तो भला क्या किया जाए? इसका समाधान देते हुए जर्मनी नए नाटो मिशन की तैयारी में जुटा है.
