
भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल की त्रासदी ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया है. दिसंबर 2025 के अंत में शुरू हुई डायरिया और उल्टी की बीमारी ने कई परिवारों में मातम बिठा दिया. कांग्रेस और स्थानीय निवासियों का दावा है कि मौतों की संख्या 21 तक पहुंच चुकी है. कई लोग अस्पताल में भर्ती हैं. कांग्रेस ने इस लापरवाही के खिलाफ ‘न्याय यात्रा’ निकाली जिसमें ‘घंटा-मंत्री मुर्दाबाद’ जैसे तीखे नारे गूंजे. यात्रा में दिग्विजय सिंह, जीतू पटवारी जैसे बड़े नेता शामिल हुए. इसमें लोगों की भागीदारी देखकर अब कांग्रेस ने अपनी रणनीति बदल ली है. मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ सहित कई दिग्गज नेता इसमें शामिल नहीं हुए.
न्याय यात्रा को लेकर कांग्रेस ने काफी समय लिया. भागीरथपुरा तक पहुंचने में कांग्रेस ने भरपूर समय लिया. न्याय यात्रा के दौरान भी प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का इंतजार करना पड़ा और रैली रोक दी गई थी. कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने ऐलान कर अगली रणनीति की जानकारी दी. न्याय यात्रा के बाद कांग्रेस घर-घर जाकर जनता से जुड़ेगी. पीड़ित परिवारों से मिलना, रिपोर्ट तैयार करना और लंबे आंदोलन की योजना है. उनका कहना था कि यह प्रदर्शन सिर्फ विरोध नहीं बल्कि जवाबदेही और न्याय की लड़ाई है. हालांकि दिग्विजय सिंह की यह बात कितना आगे तक पहुंच पाएगी, इसमें संंशय है. हाल ही में इंदौर में दिग्विजय सिंह को जिला कांग्रेस के नेताओं और स्थानीय नेताओं ने काफी बुरा-भला कहा था.
