
राज परिवार दरभंगा की महारानी कामसुंदरी देवी का सोमवार को 94 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. उन्होंने दरभंगा स्थित राज परिवार के ऐतिहासिक कल्याणी निवास में अंतिम सांस ली. बीते कुछ समय से वे अस्वस्थ चल रही थीं. उनके निधन के साथ ही न केवल दरभंगा राज परिवार, बल्कि मिथिलांचल की एक ऐसी शख्सियत का जाना हुआ है जिनका नाम देश के संकट काल में किए गए अद्वितीय दान से जुड़ा रहा. बता दें कि दरभंगा राज परिवार का नाम देश के इतिहास में 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान दिए गए अभूतपूर्व दान के लिए दर्ज है. युद्ध के समय जब केंद्र सरकार ने संसाधनों के लिए देशवासियों से अपील की थी, तब दरभंगा राज परिवार सबसे पहले आगे आया था.
1962 का युद्ध और दरभंगा राज का ऐतिहासिक दान
दरअसल, भारत-चीन युद्ध के समय जब सरकार ने देशवासियों से सहयोग की अपील की थी, तब दरभंगा राज ने सबसे आगे बढ़कर दरभंगा के इंद्रभवन मैदान में 15 मन, यानी लगभग 600 किलो सोना तौलकर राष्ट्र रक्षा के लिए दान किया गया था. यही नहीं, दरभंगा राज परिवार ने अपने तीन निजी विमान और 90 एकड़ का निजी हवाई अड्डा भी सरकार को सौंप दिया. आज इसी भूमि पर दरभंगा एयरपोर्ट संचालित है. यह दान भारतीय इतिहास में रियासतों के योगदान की सबसे बड़ी मिसालों में गिना जाता है.
