
सोशल मीडिया पर व्यूज और लाइक्स की होड़ अब अदालत की गरिमा तक पहुंच गई है. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कोर्ट की लाइव कार्यवाही से छेड़छाड़ कर बनाए गए रील्स और वीडियो पर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा आदेश दिया है. हाईकोर्ट ने ऐसे 102 सोशल मीडिया लिंक हटाने के निर्देश दिए हैं, जिनमें अदालत की कार्यवाही को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया था.
क्या है पूरा मामला?
यह मामला जबलपुर से जुड़ा है, जहां हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को 48 घंटे का वक्त दिया है. इन वीडियो क्लिप्स में कोर्ट की लाइव स्ट्रीम से छोटे-छोटे हिस्से काटकर उन्हें मेम्स, रील्स और सनसनीखेज वीडियो के रूप में फैलाया गया. अदालत ने माना कि इससे न सिर्फ न्यायिक प्रक्रिया को गलत तरीके से दिखाया गया, बल्कि कोर्ट की प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुंची.
