
मध्य प्रदेश में प्रतिबंधित चाइनीज मांझा अब केवल कानून उल्लंघन नहीं, बल्कि मानव जीवन, पशु-पक्षियों और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरे के रूप में चिन्हित किया जा चुका है. इंदौर हाईकोर्ट बेंच द्वारा चाइनीज मांझे को जानलेवा मानते हुए स्वतः संज्ञान लेने के बाद राज्यभर में प्रशासन और पुलिस तंत्र अलर्ट मोड पर है. हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद मकर संक्रांति से पहले चाइनीज मांझे की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर सख्त निगरानी शुरू कर दी गई है. पुलिस को स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त न की जाए और उल्लंघन पर कठोर कानूनी कार्रवाई हो.
हाईकोर्ट के रुख के बाद मध्य प्रदेश पुलिस ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाते हुए राज्यव्यापी अभियान तेज कर दिया है. कार्रवाई केवल जब्ती तक सीमित नहीं रखी गई है, बल्कि अवैध मांझे की सप्लाई चेन को तोड़ने पर भी फोकस किया जा रहा है. बाजारों, दुकानों, गोदामों और वाहनों की लगातार जांच हो रही है. साथ ही पुलिस और प्रशासन जन-जागरूकता अभियान के जरिए नागरिकों से जानलेवा चाइनीज मांझे के पूर्ण बहिष्कार की अपील कर रहे हैं.
