
ईरान में प्रदर्शनकारियों की मौत का आंकड़ा 2 हजार के पार पहुंच गया है. जिसे देखकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप चीख पड़े हैं. उन्होंने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट करते हुए ऐलान कर दिया है कि ‘आंदोलन जारी रखो मदद रास्ते में है’. उन्होंने ईरानी अधिकारियों के साथ मीटिंग कैंसिल कर दी है और ट्रंप के तेवर देखकर कयास लगाए जा रहे हैं कि अमेरिका कभी भी अटैक कर सकता है. इस पूरे मामले पर पहली बार कोई मुस्लिम देश बोला है. ये देश और कोई बल्कि कतर है, जहां पर स्थित अमेरिकी एयरबेस पर हलचल की खबरें आई हैं. कतर ने बताया है कि ईरान और अमेरिका के बीच क्या होने वाला है?
‘विनाशकारी नतीजे होंगे’
कतर ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव बढ़ने से इस क्षेत्र को गंभीर नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं. यह बात वाशिंगटन द्वारा इस्लामिक रिपब्लिक में विरोध प्रदर्शनों पर सरकारी कार्रवाई के जवाब में हमले की धमकी देने के बाद कही गई. मंगलवार को दोहा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजेद अल-अंसारी ने कहा, ‘हम जानते हैं कि कोई भी तनाव बढ़ने से… क्षेत्र और उसके बाहर विनाशकारी नतीजे होंगे, और इसलिए हम इससे जितना हो सके बचना चाहते हैं’.
प्रवक्ता अंसारी ने कहा, ‘हम अभी भी ऐसी स्थिति में हैं जहां हमारा मानना है कि इससे कूटनीतिक समाधान निकल सकता है’. उन्होंने आगे कहा, ‘हम सभी पक्षों से बात करने में शामिल हैं, जाहिर है कि अपने पड़ोसियों और क्षेत्र में अपने भागीदारों के साथ मिलकर एक कूटनीतिक समाधान खोजने की कोशिश कर रहे हैं’.
